Saturday, 4 April 2015

प्रशांत बोले-लोकसभा चुनाव के बाद राहुल गांधी से हाथ मिलाना चाहते थे केजरीवाल

फाइल फोटो: केजरीवाल के साथ प्रशांत भूषण (बाएं)।
फाइल फोटो: केजरीवाल के साथ प्रशांत भूषण (बाएं)।
नई दिल्ली. आम आदमी पार्टी (आप) की मुश्किलें खत्म नहीं हो रही हैं। आप के नेता प्रशांत भूषण ने पार्टी छोड़ने का संकेत दिया है। प्रशांत ने केजरीवाल के नाम खुली चिट्ठी लिखी है। प्रशांत भूषण ने लिखा है कि पार्टी में रहना है या इसे कब्जे से मुक्त कराना है, इसका फैसला 14 अप्रैल की बैठक में होगा। 14 अप्रैल को प्रशांत और योगेंद्र 'आप' के असंतुष्ट नेताओं के साथ बैठक करेंगे। चिट्ठी का अंत करते हुए भूषण ने 'गुडबाय...गुडलक' लिखा। प्रशांत भूषण ने चिट्ठी में लिखा है कि लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद अरविंद केजरीवाल किसी भी सूरत में दिल्ली में अपनी सरकार बनाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने सीधे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से भी संपर्क करने की कोशिश की थी। भूषण ने लिखा, 'आपने निखिल डे से गुजारिश की थी कि वे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से कहें कि दिल्ली में आप की सरकार बनाने के लिए कांग्रेस उन्हें समर्थन करे। यह अलग बात है कि डे ने आपकी बात मानने से इन्कार कर दिया था।' खुले खत में प्रशांत भूषण ने केजरीवाल की तुलना स्टालिन से करते हुए कहा है कि केजरीवाल ने पार्टी के साथ जो किया है, उसके लिए इतिहास और ईश्वर उन्हें माफ नहीं करेंगे। स्टालिन रूस का तानाशाह था।
केजरीवाल ने धोखा दिया
भूषण ने केजरीवाल को संबोधित चिट्ठी में लिखा, 'आपको ये समझना होगा कि हां में हां मिलाने वाले लोगों के साथ आप बहुत दूर नहीं जा पाएंगे। यह पार्टी हजारों लोगों के सपनों को पूरा करने के लिए बनाई गई थी। विशेषकर नौजवानों ने बहुत सारे सपने पाले थे। वैकल्पिक राजनीति के लिए उन्होंने अपना समय, पैसा सब खर्च किया, लेकिन आपने सबको धोखा दिया है। आप दरबारियों से घिरे हुए हैं और यह पार्टी भी अब हाईकमान कल्चर वाली पार्टी बन गई है।दिल्ली में जीत के बाद आपको अपनी सबसे बेहतरीन खूबियां दिखानी चाहिए थीं, लेकिन अफ़सोस है कि जीत के बाद आपने सबसे खराब छवि पेश की। आप पर सवाल उठाने वालों को पार्टी से निकाल देना स्टालिन की याद दिलाता है। आपने पार्टी के साथ जो किया है उसके लिए ईश्वर और इतिहास आपको नहीं भूलेगा।'
शांति भूषण को लगा था बच नहीं पाएंगे
पिछले दिनों हुई राष्ट्रीय परिषद की बैठक में विधायकों पर गुंडागर्दी करने का आरोप लगाते हुए भूषण ने लिखा, 'ऐसी स्थिति पैदा हो गई थी कि मेरे पिता (शांति भूषण) को यह लगने लगा था की वह जिंदा बचकर वहां से नहीं आ सकेंगे।'
14 अप्रैल की बैठक में हिस्सा लेना अनुशासनहीनता होगी
कार्यकर्ताओं को परोक्ष रूप से चेतावनी देते हुए 'आप' नेता और दिल्ली के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री के संसदीय सचिव आदर्श शास्त्री ने कहा कि बागी नेताओं-योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण की ओर से 14 अप्रैल को बुलाई गई बैठक में हिस्सा लेना ‘अनुशासनहीनता’ माना जाएगा।

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