नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बांग्लादेश की
प्रधानमंत्री शेख हसीना की तारीफ में दिए बयान पर घिर गए हैं। सोशल मीडिया
से लेकर विदेशी मीडिया और विपक्ष तक इसके लिए उन्हें ‘महिला विरोधी’ बता
रहा है।
दरअसल, ढाका यूनिवर्सिटी में मोदी ने बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख
हसीना की तारीफ की थी। उन्होंने कहा था, "मुझे खुशी है कि बांग्लादेशी
प्रधानमंत्री ने महिला होने के बावजूद आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की
नीति अपना रखी है। वे आतंकवाद का डटकर मुकाबला कर रही हैं।"
इसे अमेरिकन अखबार वॉशिंगटन पोस्ट ने ‘सबसे बुरी तारीफ’ करार दिया।
वहीं कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा, "मोदी का बयान दुर्भाग्यपूर्ण है।
वे समझते हैं कि महिलाओं में साहस नहीं होता। वे कमजोर होती हैं। लेकिन यह
हकीकत के एकदम उलट है।"
मोदी के बयान को लेकर ट्विटर पर भी बहस छिड़ गई। कई लोगों ने लिखा, ‘मोदी साबित करना चाहते हैं कि महिलाएं कमजोर होती हैं।’ मोदी पर किए जा रहे कमेंट #DespiteBeingAwoman के नाम से कुछ देर के लिए ट्रेंड में आए गए। हालांकि, जल्दी ही इनके जवाब में मोदी की तारीफ वाले कमेंट #ModiEmpowersWomen के नाम से टॉप ट्रेंड में नजर आने लगे।
इधर, कट्टर समर्थक जेठमलानी भी रूठे
कहा- मोदी के लिए मन में सम्मान कम होते-होते अब पूरी तरह खत्म हो गया
वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ब्रेक-अप की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि मोदी के लिए उनके मन में सम्मान कम होते-होते अब पूरी तरह से खत्म हो गया है। भाजपा से बर्खास्त सांसद ने मोदी के प्रधानमंत्री पद की दावेदारी का मजबूती से समर्थन किया था। जेठमलानी सीबीडीटी के पूर्व अध्यक्ष केवी चौधरी को सीवीसी बनाने का विरोध कर रहे थे। उन्होंने इससे पहले भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को पत्र लिखा था। लेकिन सोमवार को राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिश पर मुहर लगा दी। इसके बाद जेठमलानी ने प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर कहा कि वह अब इस नियुक्ति को सुप्रीम कोर्ट और जनता की कोर्ट में चुनौती देंगे। उन्होंने यह पत्र ट्विटर पर भी पोस्ट किया है।
वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ब्रेक-अप की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि मोदी के लिए उनके मन में सम्मान कम होते-होते अब पूरी तरह से खत्म हो गया है। भाजपा से बर्खास्त सांसद ने मोदी के प्रधानमंत्री पद की दावेदारी का मजबूती से समर्थन किया था। जेठमलानी सीबीडीटी के पूर्व अध्यक्ष केवी चौधरी को सीवीसी बनाने का विरोध कर रहे थे। उन्होंने इससे पहले भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को पत्र लिखा था। लेकिन सोमवार को राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिश पर मुहर लगा दी। इसके बाद जेठमलानी ने प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर कहा कि वह अब इस नियुक्ति को सुप्रीम कोर्ट और जनता की कोर्ट में चुनौती देंगे। उन्होंने यह पत्र ट्विटर पर भी पोस्ट किया है।
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