शिखर धवन (बाएं) को जीत की बधाई देते आरसीबी के दिनेश कार्तिक।
खेल डेस्क. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ सनराइजर्स हैदराबाद
ने जिस तरह से टीम वर्क दिखाया, वो शानदार था। चेन्नई सुपर किंग्स के
खिलाफ पहले मैच में की गई गलतियों को हैदराबाद के खिलाड़ियों ने दोहराया
नहीं। इसका नतीजा यह हुआ कि उन्होंने आरसीबी को उन्हीं के होम ग्राउंड पर 8 विकेट से हरा दिया।
हैदराबाद ने टॉस जीतकर पहले बॉलिंग करने का फैसला किया और उसके बॉलर्स ने
सधी हुई गेंदबाजी करते हुए आरसीबी की टीम को 19.5 ओवर्स में 166 के स्कोर
पर ऑल आउट कर दिया। जवाब में हैदराबाद ने टारगेट को 17.2 ओवर्स में ही
हासिल कर लिया। Dainikbhaskar.com आपको बता रहा है कि सनराइजर्स ने कौन से अहम स्टेप लिए जिससे उसने आरसीबी को करारी शिकस्त दी।
1. गेल को जल्दी आउट करना रहा फायदेमंद
सनराइजर्स हैदराबाद के लिए सबसे फायदेमंद आरसीबी के तूफानी बैट्समैन
क्रिस गेल को जल्दी आउट करना रहा। हैदराबाद के खिलाफ गेल खतरनाक दिख रहे
थे, लेकिन प्रवीण कुमार ने उन्हें कामयाब नहीं होने दिया। गेल 21 रन बनाकर
आउट हुए। गेल की आक्रामक बैटिंग की शुरुआत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता
है कि 21 रन में ही उन्होंने 3 चौके व 1 छक्का लगाया। उन्होंने पहले ओवर
में ही छक्का लगाकर अपना इरादा साफ कर दिया था, लेकिन हैदराबाद को जल्दी
कामयाबी मिल गई।
2. आखिरी 2 ओवर्स में आरसीबी के 5 विकेट गिराना
सनराइजर्स हैदराबाद के गेंदबाजों ने आखिरी 2 ओवर्स में काफी कसी हुई
गेंदबाजी की। इन दो ओवर्स में आरसीबी के 5 विकेट गिरे। पहले तो 19वें ओवर
में ट्रेंट बोल्ट ने 3 विकेट लिए। फिर आखिरी ओवर में भुवनेश्वर कुमार ने 2
विकेट लिए। इन दो ओवर्स में आरसीबी की तरफ से सिर्फ 18 रन बने। हैदराबाद के
लिए ये दो ओवर्स किफायती रहे, जिसके कारण आरसीबी बहुत बड़ा स्कोर खड़ा
नहीं कर सका।
3. डेविड वॉर्नर की तूफानी पारी
हालांकि, 20 ओवर्स में 167 रन का टारगेट इतना भी आसान नहीं था, लेकिन
कप्तान डेविड वॉर्नर की तूफानी पारी ने इसे बहुत छोटा कर दिया। वॉर्नर ने
टीम को काफी तेज शुरुआत दिलाई। पहले 2 ओवर्स में ही स्कोरबोर्ड पर 36 रन
चढ़ गए। इसके बाद प्रेशर काफी कम हो गया। वॉर्नर ने 24 गेंदों में हाफ
सेन्चुरी पूरी कर ली। हालांकि, इसके बाद वे सिर्फ 7 रन जोड़ सके और 57 रन
पर आउट हो गए, लेकिन उन्होंने इसके लिए सिर्फ 27 गेंदों का सामना किया और 6
चौके व 4 छक्के लगाए।
4. धवन का आखिर तक आउट नहीं होना
शिखर धवन का आखिर तक आउट नहीं होना भी टीम के लिए फायदेमंद रहा। धवन पूरी
तरह जम चुके थे और यह तय था कि वॉर्नर के आउट होने के बाद अगर वे क्रीज पर
टिके रहेंगे तो टारगेट को आसानी से हासिल किया जा सकेगा। धवन ने ऐसा ही
किया और काफी समझदारी के साथ बैटिंग की। उन्होंने 42 गेंदों में नाबाद 50
रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 4 चौके व 2 छक्के लगाए।
5. पहले फील्डिंग का फैसला लेना
सनराइजर्स हैदराबाद के लिए टॉस जीतकर पहले फील्डिंग लेने का फैसला बिल्कुल
सही रहा, क्योंकि मैच के दिन बेंगलुरु में तेज बारिश हुई थी। इसका फायदा
शुरुआत में गेंदबाजों को मिलना था। सनराइजर्स हैदराबाद के गेंदबाजों ने
कप्तान वॉर्नर के फैसले को सही साबित करते हुए आरसीबी को बड़ा स्कोर बनाने
से रोक दिया।