Wednesday, 10 June 2015

पीएम मोदी के समर्थन में उतरे जोशी, कहा- योग का विरोध करने वाले अज्ञानी


बीजेपी सांसद मुरली मनोहर जोशी।
बीजेपी सांसद मुरली मनोहर जोशी।
कानपुर. पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा योग दिवस को अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर आयोजित करने को लेकर हो रहे विरोध के बीच बीजेपी सांसद मुरली मनोहर जोशी ने उनका समर्थन किया है। आमतौर पर पीएम मोदी के विचारों से खुद को अलग रखने वाले जोशी इस बार उनके साथ खड़े हैं। उन्‍होंने कहा कि जो लोग योग का विरोध कर रहे हैं वो अज्ञानी हैं। उधर, मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड खुलकर योग के विरोध में उतर आया है।
कानपुर में मंगलवार को एक ट्रेन उद्घाटन के मौके पर मीडिया से बात करते हुए जोशी ने कहा कि योग धार्मिक या मजहबी नहीं होता। योग किसी खास धर्म के लिए है यह किसी अज्ञानी की ही सोच हो सकती है। उनके मुताबिक मोहमद पैगम्बर साहब खुद योग क्रियाओं से परिचित थे। क्योंकि मुसलमान भाई जो नमाज पढ़ते हैं उसमे भी योगिक क्रियाओं का अंश दिखाई पड़ता है। उन्‍होंने कहा कि योग को तो सार्वजनिक और संवैधानिक रूप से स्वीकृति मिली हुई है।
योग का अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर स्‍थापित होना गौरव की बात
जोशी ने कहा कि पीएम मोदी द्वारा योग को अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर स्थापित करना देशवासियों के लिए बड़े गौरव की बात है। इसको बिना किसी भेदभाव और मतभेद के स्वीकार कर लेना चाहिए। योग को अंतराष्ट्रीय समुदाय ने भी स्वीकृति दी है। सभी संप्रदायों, मजहबों और वर्गों के लोगों के साथ 170 देशों ने योग को स्वीकार किया है। उन्‍होंने कहा कि योग विज्ञान भी है और आध्यात्म भी। यह स्वास्थ्य के लिए उत्तम उपाय है। योग का उद्गम वैदिक काल में भारत में हुआ था। जोशी के अनुसार, मोहनजोदड़ो और हड़प्पा की खुदाई में भी बहुत सी मूर्तियां निकली हैं, जिसमे लोग योगिक आसान करते हुए दिखाई देते हैं।
उन्‍होंने कहा कि योग दुनिया में लोगों को एक-दूसरे को जोड़ने का भी काम करता है। साथ ही आने वाले दिनों में योग आगे चलकर सामाजिक होगा। दुनिया में यदि योग की शिक्षा दी जाएगी तो लोगों की परेशानियां अपने आप हल हो जाएंगी। योगिक ध्यान और योगिक अनुष्ठान से कैदियों में भी मनोवैज्ञानिक परिवर्तन हुआ है। योग से कुछ देशों में अपराध की दर कम हुई है। लोगों की मानसिकता में भी परिवर्तन आया है। बहुत से देशों में योग को लेकर शोध हो रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि योग करने से मष्तिस्क और चरित्र में कितना परिवर्तन हुआ। उन्‍होंने कहा कि योग लोगों को बीमारी से दूर रखने का बहुत ही सस्ता सिस्टम है।

Tuesday, 9 June 2015

बांग्लादेशी प्रधानमंत्री की तारीफ में बयान देकर घिर गए मोदी


बांग्लादेशी प्रधानमंत्री शेख हसीना के साथ नरेंद्र मोदी।
बांग्लादेशी प्रधानमंत्री शेख हसीना के साथ नरेंद्र मोदी।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना की तारीफ में दिए बयान पर घिर गए हैं। सोशल मीडिया से लेकर विदेशी मीडिया और विपक्ष तक इसके लिए उन्हें ‘महिला विरोधी’ बता रहा है।
दरअसल, ढाका यूनिवर्सिटी में मोदी ने बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना की तारीफ की थी। उन्होंने कहा था, "मुझे खुशी है कि बांग्लादेशी प्रधानमंत्री ने महिला होने के बावजूद आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रखी है। वे आतंकवाद का डटकर मुकाबला कर रही हैं।"
इसे अमेरिकन अखबार वॉशिंगटन पोस्ट ने ‘सबसे बुरी तारीफ’ करार दिया। वहीं कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा, "मोदी का बयान दुर्भाग्यपूर्ण है। वे समझते हैं कि महिलाओं में साहस नहीं होता। वे कमजोर होती हैं। लेकिन यह हकीकत के एकदम उलट है।"

मोदी के बयान को लेकर ट्विटर पर भी बहस छिड़ गई। कई लोगों ने लिखा, ‘मोदी साबित करना चाहते हैं कि महिलाएं कमजोर होती हैं।’ मोदी पर किए जा रहे कमेंट #DespiteBeingAwoman के नाम से कुछ देर के लिए ट्रेंड में आए गए। हालांकि, जल्दी ही इनके जवाब में मोदी की तारीफ वाले कमेंट #ModiEmpowersWomen के नाम से टॉप ट्रेंड में नजर आने लगे।
इधर, कट्‌टर समर्थक जेठमलानी भी रूठे
कहा- मोदी के लिए मन में सम्मान कम होते-होते अब पूरी तरह खत्म हो गया
वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ब्रेक-अप की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि मोदी के लिए उनके मन में सम्मान कम होते-होते अब पूरी तरह से खत्म हो गया है। भाजपा से बर्खास्त सांसद ने मोदी के प्रधानमंत्री पद की दावेदारी का मजबूती से समर्थन किया था। जेठमलानी सीबीडीटी के पूर्व अध्यक्ष केवी चौधरी को सीवीसी बनाने का विरोध कर रहे थे। उन्होंने इससे पहले भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को पत्र लिखा था। लेकिन सोमवार को राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिश पर मुहर लगा दी। इसके बाद जेठमलानी ने प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर कहा कि वह अब इस नियुक्ति को सुप्रीम कोर्ट और जनता की कोर्ट में चुनौती देंगे। उन्होंने यह पत्र ट्विटर पर भी पोस्ट किया है।

Monday, 8 June 2015

बांग्लादेश पहुंची टीम इंडिया, 15 साल में वहां एक भी मैच नहीं हारा है भारत

कोलकाता एयरपोर्ट पर बांग्लादेश के लिए रवाना होने से पहले टीम इंडिया के टेस्ट कप्तान विराट कोहली।
कोलकाता एयरपोर्ट पर बांग्लादेश के लिए रवाना होने से पहले टीम इंडिया के टेस्ट कप्तान विराट कोहली। 
खेल डेस्क. टीम इंडिया वर्ल्ड कप के बाद अपने पहले विदेशी टूर पर बांग्लादेश सुबह करीब 9 बजे पहुंच गई। 10 जून से दोनों देशों के बीच एकमात्र टेस्ट मैच खेला जाना है। इस टूर के लिए भारत के पास स्थाई कोच भले ही नहीं है, फिर भी वह कतई कमजोर नहीं है। हाल में ही पाकिस्तान को करारी मात देने वाली बांग्लादेशी टीम को कमजोर आंकना बड़ी भूल हो सकती है, लेकिन उनके मैदान और माहौल सहित कई बातें भारत के पक्ष में हैं। इस टूर पर टीम इंडिया को एक टेस्ट और तीन वनडे खेलना है।
ये 5 खिलाड़ी बांग्लादेश पर पड़ेंगे भारी
* अजिंक्या रहाणे
* विराट कोहली
* रोहित शर्मा
* भुवनेश्वर कुमार
* हरभजन सिंह
भारत के पक्ष में हैं ये बातें
> मैदान : ढाका और चटगांव की पिचें भारतीय जैसी ही हैं। भारतीय खिलाड़ियों को सेट होने में अधिक समय नहीं लगेगा। खिलाड़ी कोलकाता में अभ्यास सत्र करने के बाद बांग्लादेश जा रहे हैं, तो इसका भी लाभ मिलेगा।
> बॉलिंग : बांग्लादेश के बॉलर्स भारतीयों की तरह ही हैं। तइजुल और रुबेल में वैसा कुछ खास नहीं, जिससे भारतीय दिग्गज बल्लेबाजों को खेलने में परेशानी हो सके।
> रिकॉर्ड : रिकॉर्ड के हिसाब से बांग्लादेश की टीम भारत के खिलाफ कहीं नहीं टिकती। भारत को अब तक वह टेस्ट में कभी हरा नहीं सकी है। वहीं, वनडे में उसने 29 मैच खेले हैं। भारत ने 25 मैच जीते, जबकि बांग्लादेश के पक्ष में 3 मैच रहे। एक मैच का रिजल्ट नहीं निकला।
> खिलाड़ियों का फॉर्म : हाल ही में इंडियन प्रीमियर लीग का 8 सीजन समाप्त हुआ। इस सीजन में टीम इंडिया के हर खिलाड़ी ने जोरदार प्रदर्शन किए। रोहित शर्मा, अजिंक्य रहाणे, शिखर धवन, विराट कोहली, सुरेश रैना, अंबाती रायुडू, आर. अश्विन, रवींद्र जडेजा, अक्षर पटेल, भुवनेश्वर, उमेश यादव, मोहित शर्मा, स्टुअर्ट बिन्नी और धवल कुलकर्णी शानदार फॉर्म में चल रहे हैं। महेंद्र सिंह धोनी वनडे में टीम की कप्तानी संभालेंगे तो बांग्लादेशी टीम की कड़ी परीक्षा होगी।
भारत का बांग्लादेश में रिकॉर्ड : 15 साल में नहीं हारा एक भी मैच
भारत ने 15 साल पहले 2000-01 में पहली बार बांग्लादेश का दौरा किया था और उस समय उसे टेस्ट टीम का दर्जा मिला था। भारतीय टीम ने उस समय से 2009-10 तक बांग्लादेश का चार बार दौरा किया है। इस दौरान उसने सात मैच खेले हैं। भारत ने 2000-01 में एकमात्र टेस्ट जीता था, जबकि 2004-05 में दो टेस्टों की सीरीज में 2-0 से जीत हासिल की थी। वर्ष 2007 में भारत ने दो टेस्टों की सीरीज 1-0 से जीती और 2009-10 में दो टेस्टों की सीरीज में 2-0 से एकतरफा जीत दर्ज की। आखिरी मुकाबला इस वर्ष ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड में हुए वर्ल्ड कप क्वार्टर फाइनल में हुआ था, जिसे भारत ने जीता था।
पिछले साल सीनियर्स को मिला था आराम
भारत ने गत वर्ष आईपीएल-7 के बाद बांग्लादेश के वनडे दौरे में जो टीम भेजी थी, उसमें कई सीनियर खिलाड़ियों का विश्राम दिया गया था और सुरेश रैना को कप्तान बनाया गया था। भारत और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय वनडे सीरीज की बात की जाए, तो भारत ने 2004-05 में तीन मैचों की सीरीज 2-1 से, वर्ष 2007 में तीन मैचों की सीरीज 2-0 से और 2014 में तीन मैचों की सीरीज 2-0 से जीती।

Saturday, 6 June 2015

यूपी में अभी मैगी बैन के पक्ष में नहीं CM अखिलेश, जांच जारी


यूपी के सीएम अखिलेश यादव।
यूपी के सीएम अखिलेश यादव।
लखनऊ. देशभर में मैगी मामले ने तूल पकड़ लिया है। सभी प्रदेशों में मैगी के सैंपल लिए जा रहे हैं। कई प्रदेशों में तो इसे बैन कर दिया गया है। इसी क्रम में यूपी के सीएम अखिलेश यादव भी मैगी के विरोध में आ गए हैं, लेकिन फिलहाल वो प्रदेश में इसे बैन करने के पक्ष में नहीं दिखाई दे रहे हैं। वहीं प्रदेश में हर जगह से मैगी सैंपल लिए जाने का सिलसिला जारी है।
शुक्रवार को एक कार्यक्रम के दौरान सीएम अखिलेश से मैबी पर बैन को लेकर सवाल पूछा गया। इसके जवाब में उन्‍होंने कहा कि आपसे किसने कहा है मैगी खाने के लिए? यदि मैगी इतनी नुकसान दायक है तो मत खाइए। सीएम इतना कहते हुए आगे बढ़ गए। मैगी में मिलावट की खबर को लेकर देशभर में कोहराम मचा हुआ है। आपको बता दें कि यूपी में बाराबंकी से शुरू हुए इस मामले का असर सभी जगहों पर देखा जा रहा है।
बाराबंकी में ही पहली बार मैगी का सैंपल भरा गया था, जोकि दस मार्च 2014 को बाराबंकी के एक मल्टीस्टोर से लिया गया था। इसकी जांच में लेड की मात्रा बहुत ज्यादा पाई गई थी। वहीं मोनो सोडियम ग्लूटामेट एमिनो एसिड भी पाया गया। ये दोनों चीजें स्वास्थ्य के लिए बहुत ही खतरनाक है। मैगी में मिलावट की खबर सामने आने के बाद बाराबंकी के कोर्ट में नेस्ले सहित छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था, जिसकी सुनवाई एक जुलाई को होनी है।
इसके बाद सेंट्रल फूड एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ने सभी प्रदेशों को मैगी के अलग-अलग सैंपल भरने के निर्देश दिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए केरल, दिल्ली, उत्तराखंड और कई प्रदेशों ने मैगी को बैन कर दिया, लेकिन यूपी में अभी इसपर बैन नहीं लगाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि लोग खुद जागरुक हैं कि उनके स्वास्थ्य के लिए क्या सही है और क्या गलत। हालांकि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी के निर्देश के बाद यूपी के अलग-अलग शहरों से मैगी और नूडल्स के सैंपल लिए जा रहे हैं, लेकिन इनकी जांच का खुलासा अब तक नहीं किया गया है।

Friday, 5 June 2015

Inside Truth Of Railway Pantry Car ट्रेनों की रसोई, कहीं गंदे पानी तो कहीं शौचालय किनारे बन रहा आपका खाना

स्टेशन पर शौचालय के पास रखी बर्फ की सिल्ली, जिसका पानी यात्रियों को दिया जाता है(बाएँ), गंदगी से सने तवे पर बनती रोटियां, इस चूल्हे के पास कई कीड़े रेंगते हुए पाए गए
स्टेशन पर शौचालय के पास रखी बर्फ की सिल्ली, जिसका पानी यात्रियों को दिया जाता है(बाएँ), गंदगी से सने तवे पर बनती रोटियां, इस चूल्हे के पास कई कीड़े रेंगते हुए पाए गए
कोटा/ जयपुर( राजस्थान). ट्रेन में यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं और खाद्य पदार्थों की शुद्धता चेक करने के लिए गुरुवार को भास्कर टीम जयपुर-मुंबई सुपरफास्ट ट्रेन में छापेमारी की। यहां जो कुछ देखने को मिला, उससे तो खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से भरोसा ही उठ गया। पेंट्रीकार में खाने की शुद्धता से खिलवाड़ किया जा रहा था। इस नजारे को टीम ने अपने कैमरे में कैद कर लिया। यहां पड़े चूल्हे पूरी तरह से काले हो चुके थे, जिन पर काफी गंदगी जमी हुई थी। इसके अलावा कोटा से चढ़ाई गई बर्फ की सिल्ली शौचालय के पास पड़ी थी।

गाड़ी संख्या 12956 जयपुर-मुंबई ट्रेन गुरुवार को अपने निर्धारित समय से 10 मिनट लेट 5:30 बजे कोटा के प्लेटफार्म नंबर दो पर पहुंची। भास्कर टीम पेंट्रीकार में पहुंची तो वहां हर तरफ गंदगी ही गंदगी नजर आ रही थी। इसके अलावा कुकिंग मना होने के बाद भी एक चूल्हे पर चाउमीन बनाया जा रहा था। पेंट्रीकार में कीड़े तक रेंग रहे थे। ट्रेन चलने के समय उसमें कोटा के एसीएम एनके मीणा व सीटीआई बीडी रज्जक पेंट्रीकार में पहुंचे। उन्होंने कोटा से नागदा के बीच पेंट्रीकार को चेक किया।
यात्रियों से खानपान की गुणवत्ता की जानकारी ली। चेकिंग के दौरान शामगढ़ के पास पेंट्रीकार में तवे पर रोटियां सेंकते हुए पाई गई। साथ ही कई यात्रियों ने वाणिज्य विभाग की टीम को खानपान की वस्तुओं को मनमाने दाम पर बेचे जाने की शिकायत की। जांच में पेय पदार्थों का लाइसेंस रिन्यू नहीं मिला।
राजधानी में लग चुकी है आग
मुंबई-दिल्ली-मुंबई के बीच चलने वाली राजधानी एक्सप्रेस में कोटा-नागदा खंड के शामगढ़ रेलवे स्टेशन के पास दो साल पहले आग लग चुकी थी, पेंट्रीकार के साथ ही पास जुड़ा हुआ कोच भी जल गया था। इस मामले की जांच हुई थी। इसके बाद से ही पेंट्रीकार में कुकिंग पर रोक लगा दी गई थी। यानी पेंट्रीकार को कुकिंग फ्री कर दिया गया था। लेकिन, इसके बावजूद ट्रेन के पेंट्रीकार में तवे पर रोटी सेंके जाने की घटना गंभीर है।
1500 यात्रियों की जान जोखिम में
ट्रेन के पेंट्रीकार में तवे पर रोटी रोकने की घटना ने सवार लगभग 1500 यात्रियों की जान को जोखिम में डाला है। इस बारे में जांच करने वाले एसीएम एनके मीणा से चर्चा की गई तो उनका कहना था कि पेंट्रीकार संचालक फर्म सनशाइन प्राइवेट लिमिटेड व उनके मैनेजर शाहिद अनवर ने रेलवे बोर्ड की पेंट्रीकार में कुकिंग नहीं करने के नियम का खुला उल्लंघन किया है। इस मामले में 50 हजार से ज्यादा के जुर्माने की सिफारिश की जाएगी। एक साल पहले भी इस ट्रेन में खानपान सामग्री बनाते पकड़ा गया था। उस समय पेंट्रीकार के बर्तन व अन्य वस्तुएं जप्त कर ली गई थी।

Thursday, 4 June 2015

यूपी में वाटर एटीएम की सुविधा से लैस होंगे 175 बस अड्डे

फाइल फोटो।
फाइल फोटो।
लखनऊ. उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम प्रबंधन प्रदेश भर में यात्रियों को समाजवादी शीतल जल पिलाने की तैयारी कर रहा है। आने वाले कुछ दिनों में 175 बस अड्डों पर वाटर एटीएम लगाए जाएंगे। परिवहन विभाग यात्रियों को बस स्टेशन पर एटीएम के माध्यम से पानी पिलाएगा। हालांकि, इस गर्मी में ऐसा संभव हो पाना काफी मुश्किल नजर आ रहा है। निकट भविष्य में निगम प्रबंधन, यात्रियों को शीतल जल की सुविधा भी प्रदान करेगा। निगम प्रबंधन ने इसके लिए कवायद भी शुरू कर दी है।
बताते चलें कि प्रबंधन बीते 12 मई को समाजवादी शीतल पेयजल योजना के तहत शुरू किए गए वाटर एटीएम को प्रदेश के अधिकतर बस स्टेशनों पर लगाने की तैयारी कर रहा है। पहले चरण में प्रदेश भर में 175 बस स्टेशनों पर वाटर एटीएम लगाए जाने के लिए परिवहन निगम अधिकारियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। पिछले साल अक्टूबर से ही परिवहन निगम अपने यात्रियों को परिवहन नीर पिलाने की कोशिश कर रहा है। इसमें फिलहाल उसे नाकामयाबी ही हाथ लगी है। इसकी वजह है कि परिवहन निगम प्रबंधन को परिवहन नीर प्लांट के लिए अब तक कोई कंपनी नहीं मिली है। शुरुआत में कुछ कंपनियों ने इसमें दिलचस्पी दिखाई लेकिन बाद में निगम के मानकों पर खरा न उतर पाने के चलते ये कंपनियां अपने आप ही बाहर हो गईं।
चारबाग स्‍टेशन पर हुई वाटर एटीएम की स्‍थापना
अभी एक से दो महीने पहले एक कंपनी ने परिवहन निगम प्रबंधन से परिवहन नीर के बाबत संपर्क भी किया। इसमें कंपनी प्रबंधन ने फर्जी कागजात लगाकर परिवहन अधिकारियों को ही बरगलाने का प्रयास किया। नतीजतन, अधिकारियों ने कंपनी का टेंडर निरस्त कर दिया। वर्तमान में परिवहन निगम प्रबंधन के पास कोई ऐसी कंपनी नहीं है, जिससे परिवहन नीर की योजना को साकार रूप मिल सके। ऐसे में अब परिवहन अधिकारियों के सामने अपने यात्रियों को वाटर एटीएम से ही पानी पिलाने का एक मात्र विकल्प है। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के अपर प्रबंध निदेशक के विजयेंद्र पांडियन ने बताया कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की इस योजना के तहत पहले वाटर एटीएम की स्थापना चारबाग बस स्‍टॉप पर की गई। इससे यात्रियों को भीषण गर्मी में बेहद कम कीमत पर शुद्ध पानी की सुविधा उपलब्ध कराई गई।