Friday, 27 March 2015

हार के बाद धोनी ने नए नियमों पर उठाए सवाल, पहली बार खुलकर दिया बयान

फिंच के शॉट को देखते धोनी।
फिंच के शॉट को देखते धोनी।
सिडनी. टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली हार के पीछे नियमों को वजह बताया है। ऑस्ट्रेलिया के हाथों हारकर वर्ल्ड कप से बाहर हो चुकी भारतीय टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने वनडे के नियमों में परिवर्तन की बात की और कहा कि अत्यधिक चौकों-छक्कों ने क्रिकेट के इस प्रारूप को उबाऊ बना दिया है। धोनी ने कहा कि वनडे को टी-20 जैसा नहीं होना चाहिए।
ये नियम हैं सबसे खराब
धोनी ने कहा, "यह मेरी निजी राय है कि मैं इसमें बदलाव करना चाहूंगा। क्रिकेट के इतिहास में हमने 200 का निजी स्कोर नहीं देखा था, लेकिन पिछले तीन वर्षों में तीन बार 200 से अधिक के निजी स्कोर बने।" उन्होंने आगे कहा, "कुछ लोगों का तर्क हो सकता है कि एक्स्ट्रा फील्डर घेरे के अंदर रहने से डॉट बॉल्स ज्यादा होती हैं, तो मैं उनसे कहना चाहूंगा कि फिर सभी 11 खिलाड़ियों को ही अंदर रख दो, तब डॉट बॉल्स और ज्यादा होंगी।" धोनी की टीम सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया से मिले 329 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 46.5 ओवरों में 233 रनों पर सिमट गई और उन्हें 95 रनों से यह मैच गंवाना पड़ा। धोनी सेमीफाइनल मैच में टीम के सर्वोच्च स्कोरर रहे। उन्होंने 65 गेंदों का सामना करते हुए 65 रन बनाए।
स्पिनर्स के लिए खतरनाक हैं नियम
धोनी ने कहा कि वनडे की असली खूबसूरती यह है कि कोई टीम मध्य के ओवरों में कैसी बल्लेबाजी करती है। उन्होंने कहा, "वनडे का मुख्य आकर्षण है कि कोई टीम 15वें से लेकर 35वें ओवर तक कैसी बल्लेबाजी करती है। शुरुआती 10 और आखिर के 10 ओवर खास मायने नहीं रखते, क्योंकि ये ओवर किसी टी-20 मैच जैसे ही होते हैं।" धोनी ने यह भी माना कि मौजूदा वनडे नियम गेंदबाजों के लिए काफी कठिन हैं, खासकर स्पिन गेंदबाजों के लिए। धोनी ने कहा, "आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि टीम में उनकी जगह बनी रहे। मेरा मानना है कि नियम थोड़े कठिन हैं। स्पिन गेंदबाजों के लिए तो ये कुछ ज्यादा ही कठोर हैं।"
> मौजूदा निमय : पहले दस ओवरों में सिर्फ दो फील्डर्स 30 गज के घेरे के बाहर रह सकते हैं। बैटिंग पावरप्ले (40 ओवर से पहले) के दौरान सिर्फ तीन फील्डर बाहर रह सकते हैं। जबकि बाकी वक्त में भी चार फील्डर्स से ज्यादा 30 गज के घेरे के बाहर नहीं रह सकते।
कुछ यूं समझें नियमों में बदलाव का असर
* वर्ल्ड कप-2015 के 42 लीग मैचों के दौरान आख़िरी दस ओवरों में 17 बार 100 से ज़्यादा रन बने।
* वर्ल्ड कप-2011 में सिर्फ 6 बार आखिरी दस ओवरों में 100 से ज्यादा रन बने थे।
* वर्ल्ड कप-2015 के लीग मैचों में 388 छक्के लगाए हैं।
* वर्ल्ड कप-2011 में इसकी तुलना में 258 छक्के लग पाए थे।

Wednesday, 25 March 2015

अंपायरिंग पर सवाल: फिंच को नॉट आउट देने वाले फैसले पर उठी उंगलियां

अंपायरिंग पर सवाल: फिंच को नॉट आउट देने वाले फैसले पर उठी उंगलियां
खेल डेस्क. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच दूसरे सेमीफाइनल के दौरान अंपायरों के एक फैसले पर उंगलियां उठ रही हैं। ऑस्ट्रेलियाई पारी के 23वें ओवर की चौथी बॉल को 42 रन बनाकर खेल रहे एरॉन फिंच खेलने से चूक गए और बॉल उनके पैड पर लगी। गेंदबाज जडेजा और विकेटकीपर धोनी ने अपील की। फील्ड अंपायर ने भारतीय खिलाड़ियों की अपील ठुकरा दी। इसके बाद कप्तान धोनी ने रवींद्र जडेजा से बात करके रिव्यू लिया। लेकिन थर्ड अंपायर मराइस एरास्मस ने फील्ड अंपायर के नॉट आउट के फैसले को बरकरार रखा। हालांकि, टीवी रिप्ले में बॉल स्टंप पर लगती दिख रही थी। ऐसे में बैट्समैन को आउट दिया जाता है।
सुनील गावसकर और शोएब अख्तर ने बताया 'आउट'
थर्ड अंपायर मराइस एरास्मस के नॉट आउट वाले फैसले से कमेंट्री कर रहे पूर्व दिग्गज भारतीय बैट्समैन सुनील गावसकर और पाकिस्तान के शोएब अख्तर ने असहमति जताई। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में नतीजे बॉलर के पक्ष में जाने चाहिए जब हॉक आई तकनीक में गेंद स्टंप पर टकराती दिख रही है।
सोशल साइट पर शुरू हुआ विरोध
थर्ड अंपायर का फैसला टीम इंडिया के खिलाफ आते ही क्रिकेट फैन्स सोशल साइट पर एक्टिव हो गए और ट्वीट कर अंपायर्स के खिलाफ विरोध जताया। बता दें कि इंग्लैंड के रिचर्ड केटलबरो और श्रीलंका के कुमार धर्मसेना वर्ल्ड कप-2015 के दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में फील्ड अंपायर की भूमिका में हैं। इसके अलावा इस मैच में मराइस एरास्मस और रिचर्ड इलिंगवर्थ क्रमश: तीसरे और चौथे अंपायर की भूमिका निभा रहे हैं। रंजन मदुगले मैच रेफरी की भूमिका में हैं।

Tuesday, 24 March 2015

ऐसा हुआ तो बिना मैच खेले फाइनल में पहुंचेगी टीम इंडिया

ऐसा हुआ तो बिना मैच खेले फाइनल में पहुंचेगी टीम इंडिया सिडनी। क्रिकेट विश्व कप का दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला 26 मार्च को सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला जाएगा। आकड़ों को देखें तो दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर की उम्मीद की जा रही है। दोनों टीमें सेमीफाइनल की तैयारियों में जुटी हैं, लेकिन जैसा पहले सेमीफाइनल में देखने को मिला और मैच के दौरान बारिश हुई। अब इस बात पर चर्चा हो रही है
 
कि अगर दूसरे सेमीफाइनल के दौरान सिडनी में भी बारिश होती है तो क्या होगा? ऐसा इसलिए क्योंकि मौसम विभाग के मुताबिक 26 मार्च को सिडनी में बारिश के आसार हैं। अगर बारिश होती है और मैच नहीं खेला जाता है तो इससे टीम इंडिया को जबरदस्त फायदा मिलेगा और उसे बिना मैच खेले सीधे फाइनल को टिकट मिल जाएगा। लेकिन यह तब संभव होगा जब बारिश लगातार 26 और 27 मार्च को होती रहे। आइसीसी ने नॉक आउट मुकाबलों में बारिश जैसे हालात से निपटने के लिए 'रिजर्व डे' रखा है। यानी साफ है कि अगर 26 मार्च को बारिश की वजह से सेमीफाइनल का मुकाबला नहीं हो पाया तो ये मैच को 27 मार्च को खेला जाएगा। 

अगर मगर ही सही, बारिश की वजह से सेमीफाइनल का मैच 27 मार्च को भी नहीं खेला जा सका तो उसके बाद 'रिजर्व डे' नहीं है। अगर 27 मार्च को भी मैच नहीं खेला जाता है तो ऑस्ट्रेलिया सीधे विश्व कप से बाहर हो जाएगा और मैच नहीं खेलने की स्थिति में भारत फाइनल में पहुंच जाएगा। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि लीग मुकाबलों में भारत का प्रदर्शन ऑस्ट्रेलिया से काफी अच्छा रहा है। टीम इंडिया ने लीग मैच के दौरान खेले सभी 6 मुकाबले जीते थे और अंक तालिका में नंबर वन पर रही थी, जबकि ऑस्ट्रेलिया को चार मैचों में जीत मिली, तो एक मैच में हार का सामना करना पड़ा और एक मैच बारिश के कारण ड्रा रहा था। - See more at: http://www.jagran.com/cricket/headlines-rain-drives-indian-team-in-final-of-world-cup2015-12198991.html?src=fb#sthash.ySoylZev.dpuf

Saibo - Cover Version | Arjun Kanungo ft. Jonita Gandhi & Karan Sajnani | Shor In The City

Monday, 23 March 2015

विराट से मेरी शादी जल्द होने वाली है

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अन्‍य वीडियो
  टीम इंडिया सेमीफाइनल में पहुंच चुकी है. लोग भारतीय टीम के साथ साथ भारतीय क्रिकेटर के भी दीवाने हो गए हैं. फैंस पर विराट कोहली का भी जादू सिर चढ़कर बोल रहा है. एक लड़की ने तो यहां तक कह दिया कि जल्दी ही उसकी शादी विराट कोहली से होने वाली है.

वर्ल्‍ड कप: टॉप 11 परफॉमर्स में 5 हमारे, सेमीफाइनल हार सकता है ऑस्ट्रेलिया

शिखर धवन
शिखर धवन
खेल डेस्क. वर्ल्ड कप 2015 का सेमीफाइनल शुरू होने वाला है। सेमीफाइनल में पहुंचने वालीं टॉप चार टीमें मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार हैं। प्रशंसकों की सबसे अधिक रुचि दूसरे सेमीफाइनल में है, जिसमें भारत और ऑस्ट्रेलिया की टीमें आमने-सामने होंगी। भारत जहां मौजूदा वर्ल्ड चैम्पियन है, वहीं ऑस्ट्रेलिया सबसे ज्यादा चार बार चैम्पियन रह चुका है। आंकड़ों में भले ही ऑस्ट्रेलिया भारी हो, लेकिन इस टूर्नामेंट और खिलाड़ियों के प्रदर्शन की बात की जाए तो टीम इंडिया कंगारुओं पर भारी पड़ती नजर आ रही है। वर्ल्ड कप में अब तक खिलाड़ियों की परफॉर्मेंस के आधार पर Dainikbhaskar.com ने बेस्ट इलेवन टीम तैयार की है। इसमें टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया पर हावी है।
टॉप में नहीं कोई ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज
बैटिंग में निश्चय ही भारत ऑस्ट्रेलिया पर भारी है। टूर्नामेंट के टॉप बल्लेबाजों की बात करें तो 10वें नंबर तक भी कोई ऑस्ट्रेलियाई नहीं है। वहीं, टीम इंडिया के ओपनर शिखर धवन 6वें नंबर पर हैं, जबकि विराट कोहली 13वें नंबर पर। ऑस्ट्रेलिया के विस्फोटक बल्लेबाज ग्लेन मैक्सवेल कुल 301 रनों के साथ 15वें पायदान पर हैं।
बॉलिंग में शमी दे रहे टक्कर
वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले टीम इंडिया की बॉलिंग को कमजोर माना जा रहा था, लेकिन अब स्थिति बिल्कुल उलट है। मोहम्मद शमी भारतीय बॉलर्स में टॉप पर हैं। क्वार्टर फाइनल में बांग्लादेश के खिलाफ 2 विकेट लेकर वो इस टूर्नामेंट के नंबर वन बॉलर भी बन गए थे। इस वक्त मिचेल स्टार्क 18 विकेट के साथ वर्ल्ड कप के नंबर दो बॉलर हैं और शमी (17) उनसे मात्र एक विकेट ही पीछे हैं।
कप्तानी में भी भारी हैं धोनी
टीम इंडिया के कैप्टन कूल धोनी ने इस वर्ल्ड कप में जीत के नए रिकॉर्ड बनाए हैं। पिछले करीब 8 सालों से टीम इंडिया की कमान संभाल रहे धोनी ने जीत का शतक पूरा किया और वो सबसे सफल भारतीय कप्तान बने। वर्ल्ड कप में लगातार 11 जीतों का रिकॉर्ड बनाया। वहीं, ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क अनुभव और रिकॉर्ड, दोनों में ही धोनी से पीछे हैं।