खेल डेस्क. आईपीएल फाइनल
में मुंबई ने चेन्नई को 41 रन से हरा दिया। मुंबई ने वास्तव में वापसी का
जज्बा दिखाया क्योंकि इस सीजन की शुरुआत के चार मैच वह हार गई थी लेकिन
इसके बाद टीम ने लय पकड़ी। रोहित शर्मा ने कप्तानी करते हुए ठंडे दिमाग से
फैसले किए। उन्होंने अपने बॉलर्स और फील्डर्स का शानदार इस्तेमाल किया।
दूसरी ओर, चेन्नई के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के टॉस जीतकर फील्डिंग करने
के फैसले पर सवाल उठ रहे हैं। मुंबई इंडियन्स ने पहले बैटिंग करते हुए
निर्धारित 20 ओवर्स में 5 विकेट के नुकसान पर 202 रन बनाए। जवाब में चेन्नइ
सुपरकिंग्स 8 विकेट के नुकसान पर 161 रन ही बना सकी। मुंबई इंडियन्स की इस
जीत के मुख्य रूप से 5 कारण रहे:
1. धोनी का टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी न करने का फैसला
2. रोहित शर्मा-सिमंस की तूफानी पार्टनरशिप
3. डेथ ओवर्स में पोलार्ड की आतिशी पारी
4. मलिंगा-मैक्लिंघन की कमाल की बॉलिंग
5. चेन्नई सुपरकिंग्स की बेहद शर्मनाक बॉलिंग
3. डेथ ओवर्स में पोलार्ड की आतिशी पारी
4. मलिंगा-मैक्लिंघन की कमाल की बॉलिंग
5. चेन्नई सुपरकिंग्स की बेहद शर्मनाक बॉलिंग
1. धोनी का हैरान करने वाला फैसला
मुंबई की जीत में सबसे मुख्य भूमिका तो चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने निभाई, जिन्होंने कोलकाता के ईडन गार्डन में टॉस जीतकर पहले बॉलिंग करने का फैसला किया। मुंबई की जीत का आधा सफर तो उनके इस हैरान करने वाले फैसले के बाद ही हो गया। बॉलिंग करने के फैसले के बाद धोनी ने कहा कि शुरुआत में स्विंग की मदद मिलेगी, जबकि पिच को देखकर कहीं से भी ऐसा नहीं लग रहा था। धोनी ने यह फैसला क्यों लिया, यह तो पता नहीं, लेकिन मुंबई के कप्तान रोहित शर्मा ने कहा कि वे हर हाल में इस पिच पर पहले बैटिंग ही करना चाहते थे। धोनी ने मुंबई को पहले बैटिंग देकर रोहित का काम आसान कर दिया। धोनी का यही फैसला मैच का सबसे पहला टर्निंग प्वाइंट बन गया।
मुंबई की जीत में सबसे मुख्य भूमिका तो चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने निभाई, जिन्होंने कोलकाता के ईडन गार्डन में टॉस जीतकर पहले बॉलिंग करने का फैसला किया। मुंबई की जीत का आधा सफर तो उनके इस हैरान करने वाले फैसले के बाद ही हो गया। बॉलिंग करने के फैसले के बाद धोनी ने कहा कि शुरुआत में स्विंग की मदद मिलेगी, जबकि पिच को देखकर कहीं से भी ऐसा नहीं लग रहा था। धोनी ने यह फैसला क्यों लिया, यह तो पता नहीं, लेकिन मुंबई के कप्तान रोहित शर्मा ने कहा कि वे हर हाल में इस पिच पर पहले बैटिंग ही करना चाहते थे। धोनी ने मुंबई को पहले बैटिंग देकर रोहित का काम आसान कर दिया। धोनी का यही फैसला मैच का सबसे पहला टर्निंग प्वाइंट बन गया।