खेल डेस्क. 18 मार्च,
बुधवार को सिडनी में साउथ अफ्रीका और श्रीलंका के बीच वर्ल्ड कप 2015 का
पहला क्वार्टर फाइनल मुकाबला खेला जाना है। ग्रुप लेवल में दोनों ही टीमों
ने 4 मुकाबले जीते हैं। इस लिहाज से तो दोनों ही टीमें बिलकुल बराबर दिख
रही हैं, लेकिन खिलाड़ियों के परफॉर्मेंस के आधार पर बात की जाए तो प्रोटीज
पर श्रीलंकाई टीम भारी पड़ रही है। Dainikbhaskar.com आपको ऐसे पांच कारण बता रहा है, जिससे श्रीलंका की जीत की संभावना अधिक है।
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1. श्रीलंका की हिट ओपनिंग
श्रीलंका की सबसे मजबूत कड़ी उसकी ओपनिंग। ग्रुप मुकाबलों में श्रीलंकाई टीम की ओपनिंग जोड़ी ने काफी प्रभावित किया है। 6 में से 3 मुकाबलों में श्रीलंकाई ओपनिंग जोड़ी थिरिमाने और तिलकरत्ने दिलशान ने टीम को जबरदस्त शुरुआत दिलाई, जिससे अन्य बैट्समैन पर दबाव काफी हल्का हो गया। इन दोनों बैट्समैन ने पहले मुकाबले में न्यूजीलैंड के खिलाफ 67 रन, दूसरे मुकाबले में अफगानिस्तान के खिलाफ 0, तीसरे मुकाबले में बांग्लादेश के खिलाफ 122 रन, चौथे मुकाबले में इंग्लैंड के खिलाफ 100 रन, पांचवें मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 5 रन और छठे मुकाबले में स्कॉटलैंड के खिलाफ 21 रनों की साझेदारी की।
श्रीलंका की सबसे मजबूत कड़ी उसकी ओपनिंग। ग्रुप मुकाबलों में श्रीलंकाई टीम की ओपनिंग जोड़ी ने काफी प्रभावित किया है। 6 में से 3 मुकाबलों में श्रीलंकाई ओपनिंग जोड़ी थिरिमाने और तिलकरत्ने दिलशान ने टीम को जबरदस्त शुरुआत दिलाई, जिससे अन्य बैट्समैन पर दबाव काफी हल्का हो गया। इन दोनों बैट्समैन ने पहले मुकाबले में न्यूजीलैंड के खिलाफ 67 रन, दूसरे मुकाबले में अफगानिस्तान के खिलाफ 0, तीसरे मुकाबले में बांग्लादेश के खिलाफ 122 रन, चौथे मुकाबले में इंग्लैंड के खिलाफ 100 रन, पांचवें मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 5 रन और छठे मुकाबले में स्कॉटलैंड के खिलाफ 21 रनों की साझेदारी की।
साउथ अफ्रीका की फ्लॉप रही है ओपनिंग
साउथ अफ्रीकी टीम की हाशिम अमला और क्वांटन डी कॉक की ओपनिंग जोड़ी ग्रुप मुकाबले के किसी मैच में 20 रनों तक की भी साझेदारी नहीं कर सकी है। पहले मुकाबले में जिम्बाब्वे के खिलाफ 10 रन, भारत के खिलाफ 12 रन, वेस्ट इंडीज के खिलाफ 18 रन, आयरलैंड के खिलाफ 12 रन, पाकिस्तान के खिलाफ 0 रन और यूएई के खिलाफ 17 रनों की ओपनिंग पार्टनरशिप हुई। इससे पूरी टीम पर अधिक रन बनाने का दबाव काफी बढ़ जाता है।
साउथ अफ्रीकी टीम की हाशिम अमला और क्वांटन डी कॉक की ओपनिंग जोड़ी ग्रुप मुकाबले के किसी मैच में 20 रनों तक की भी साझेदारी नहीं कर सकी है। पहले मुकाबले में जिम्बाब्वे के खिलाफ 10 रन, भारत के खिलाफ 12 रन, वेस्ट इंडीज के खिलाफ 18 रन, आयरलैंड के खिलाफ 12 रन, पाकिस्तान के खिलाफ 0 रन और यूएई के खिलाफ 17 रनों की ओपनिंग पार्टनरशिप हुई। इससे पूरी टीम पर अधिक रन बनाने का दबाव काफी बढ़ जाता है।
श्रीलंका की जीत के अन्य प्रमुख चार कारण हैं:
2. संगकारा के साथ-साथ अन्य श्रीलंकाई बैट्समैन भी फॉर्म में
3. श्रीलंका के मेन बॉलर मलिंगा ज्यादा सफल
4. ओपनर बैट्समैन दिलशान के सामने कॉक फ्लॉप
5. वनडे के आंकड़ों में भी भारी है श्रीलंका
2. संगकारा के साथ-साथ अन्य श्रीलंकाई बैट्समैन भी फॉर्म में
3. श्रीलंका के मेन बॉलर मलिंगा ज्यादा सफल
4. ओपनर बैट्समैन दिलशान के सामने कॉक फ्लॉप
5. वनडे के आंकड़ों में भी भारी है श्रीलंका
आगे स्लाइड्स में इन कारणों के तुलनात्मक विश्लेषण के जरिए जानें, क्यों जीत सकती है श्रीलंका...
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