चालू माह के अंत तक मोदी फिर काशी आने वाले हैं। ऐसे में अस्सी-रविदास घाट के बीच की भी सिल्ट हटाई जाने लगी है लेकिन खींचतान के चलते काम जोर नहीं पकड़ पा रहा है। हालात ऐसे हैं कि घाटों की बेहतरी के नाम पर कागज पर सौंदर्यीकरण की योजना बनाने के अलावा अब तक कुछ नहीं हो सका है।
कई घाट ऐसे हैं जिनकी सफाई की जिम्मेदारी उठाने के बाद संस्थाओं ने वहां मुड़कर देखा तक नहीं।
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