Thursday, 12 March 2015

इस गंदे 'आईने' में कितना नजर आएगा मोदी जी का चेहरा

11 महीने के बाद भी नहीं बदली सूरतकाशी का आईना कहे जाने वाले गंगा घाटों की सूरत पीएम नरेंद्र मोदी की ताजपोशी के 11 महीने बाद भी नहीं बदल सकी है। वर्षों बाद पीएम की ही पहल पर कुछ संस्थाएं जागीं तो सिर्फ अस्सी की सीढ़ियों से गाद हट सकी।

चालू माह के अंत तक मोदी फिर काशी आने वाले हैं। ऐसे में अस्सी-रविदास घाट के बीच की भी सिल्ट हटाई जाने लगी है लेकिन खींचतान के चलते काम जोर नहीं पकड़ पा रहा है। हालात ऐसे हैं कि घाटों की बेहतरी के नाम पर कागज पर सौंदर्यीकरण की योजना बनाने के अलावा अब तक कुछ नहीं हो सका है।

कई घाट ऐसे हैं जिनकी सफाई की जिम्मेदारी उठाने के बाद संस्थाओं ने वहां मुड़कर देखा तक नहीं।

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